डिजिटल साक्षरता : संप्रत्यय एवं प्रत्यक्षीकरण की समीक्षा

लेखक

  • ज्योति मिश्रा शोध छात्रा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय। ##default.groups.name.author##
  • सुरेंद्र राम आचार्य, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय। ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.5281/zenodo.19034779

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डिजिटल साक्षरता##common.commaListSeparator## सूचना साक्षरता##common.commaListSeparator## डिजिटल कौशल##common.commaListSeparator## एवं डिजिटल दक्षता।

सार

डिजिटल साक्षरता एक तकनीक है इसके उपयोग से आज शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया हो रही है। यह सूचना और संचार तकनीकों का उपयोग करके जानकारी खोजने उसका मूल्यांकन करने, उससे बनाने और संप्रेषित करने की क्षमता है, जिसके लिए संज्ञानात्मक और तकनीकी दोनों कौशल की आवश्यकता होती है। डिजिटल साक्षरता के बारे में इन विचारों को ध्यान में रखते हुए और यह मानते हुए की नई ज्ञान सृजन का आधार हमेशा विद्यमान ज्ञान होता है। शोधकत्री ने डिजिटल साक्षरता से संबंधित अध्ययनों की विभिन्न दृष्टिकोण से समीक्षा की है,जो इस शोध क्षेत्र में उनके विभिन्न आयामों को ज्ञात करेंगे। यह शोध पत्र एक स्पष्ट अवलोकन प्रदान करेगा जिससे यह पता चलेगा कि अन्य शोधार्थियों ने कुछ इस तरह के शोध कार्यों से क्या सीख वह समझा है। इस शोध पत्र में डिजिटल साक्षरता के संप्रत्यात्मक रूपरेखा, बहु साक्षरता सामाजिक एवं सांस्कृतिक, तकनीकी परिप्रेक्ष्य तथा शैक्षिक परिदृश्य से संबंधित अध्ययनों का समीक्षा के रूप में उल्लेख किया है। अंत में शोधकत्री ने यह निष्कर्ष निकला कि यह समीक्षा ज्ञान अंतराल, समय अवधि, सूचना की कमी और भारतीय परिपेक्ष में समसामयि की मुद्दों के आधार पर इस क्षेत्र में एक शोध आयोजित करने की मूलभूत आवश्यकता को कैसे पूरी करती है। समीक्षा द्वारा अनुसंधान और नीतियों के लिए ज्ञान की कमी को खोज करके भविष्य की दिशाओं की पहचान करके समाप्त करते हैं।

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प्रकाशित

2026-03-28

अंक

खंड

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