मेरठ परिक्षेत् की सांस्कृतिक धरोहरः एक अद्ययन
DOI:
https://doi.org/10.5281/zenodo.19417182Keywords:
ऐतिहासिक विरासत, स्वतंत्ता, सांस्कृतिक, संग्रहालय, क्रांति।Abstract
मेरठ उटार शदेश का एक शाचीन नगर अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के लिए विशेष्ा पहचान रखता है। इस शोध में नगर की उन स्थलों का विवेचन किया गया है जो न केवल स्थापऋय कला के –ष्टिकाेण से महऋवपूण़ हैं बल्कि भारतीय स्वतंत्ता संग्राम और सामाजिक चेतना के भी जीवंत शतीक हैं। शाहपीर गेट अपनी स्थापऋय भव्यता और ऐतिहासिक महऋव के कारण नगर की पहचान का हिस्सा है वहीं घंटाघर समय और परिवत़न का शतीक बनकर नगर जीवन की धड़कन काे दशा़ता है। आबू का मकबरा अपनी कलाऋमक नक्काशी और स्थापऋय सौंदय़ के कारण सांस्कृतिक विरासत में विशिष्ट स्थान रखता है। मेरठ द्धउटार शदेशऋ की ऐतिहासिक विरासत पर आधारित इस शोध में शाहपीर गेट घंटाघर आबू का मकबरा तथा शहीद स्मारक जैसे स्थलों का विवेचन किया गया है परंतु शहीद स्मारक शमुख :प से वणि़त है। शहीद स्मारक में स्थित स्वतंत्ता संग्राम संग्रहालय की स्वाभिमान स्वराज संघष्ा़ संग्राम और संकल्प नामक पांच वीथिकाओं में स्वतंत्ता संग्राम आंदोलन से संबंधित तथ्यों एवं चित्ों काे सुसंगठित प्रस्तुतीकरण किया गया है।